इसड़ी म्हारी राम कहाणी

खावण नै फगत उबास्यां है,
पीवण नै आंख्यां रो पाणी।
दुख जा दुख नै दुख सुणावै,
इसड़ी म्हारी राम-कहाणी।।

कूंपळ कूंपळ मगसी मगसी,
पत्तो पत्तो सूखो सूखो।
तितली तितली तिसी तिसी सी,
भंवरो भंवरो भूखो भूखो।।
कोयल री पांखां सा पाटा
आळां मंडराता सण्णाटा।
स्यात म्हारड़ै खातै लिख दी,
विधना जग री सकळ विराणी।। 01।।[…]

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क्रांतिवीर बारहठ केशरी सिंह

वक्त आने पर वतन पे वार दी जिसने जवानी।
और उसके खून में भी थी रवानी ही रवानी।।
बंधु के बलिदान की मां भारती खुद ले बलैयां।
क्रांतिकारी केसरी के त्याग की अद्भुत कहानी।।01।।[..]

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अमर शहीद प्रताप बारठ रै प्रति

हे पुण्य प्रताप!
थारै जेड़ा पूत
जिणण सारु जणणी नै
जोवणी पड़ेला वाट
जुगां जुगां तक
हे पुण्य प्रताप !
केहर री थाहर मे ही
रम सकै है थारै जैड़ा
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बदळाव

कांई फरक पड़ै कै राज कीं रो है ?
राजा कुण है अर ताज कीं रो है ?
फरक चाह्वो तो राज
नीं काज बदळो !
अर भळै काज रो आगाज
नै अंदाज बदळो !
फकत आगाज ‘र अंदाज ई नीं
उणरो परवाज बदळो !
आप – आप रा साज बदळो […]

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अवन पर कोपियो धणी असमान रो

।।गीत – प्रहास साणोर।।
अवन पर कोपियो धणी असमान रो अजब
अहर निस मुखां सूं अगन उगल़ै।
तड़फड़ै जीवड़ा छांह बिन तरवरां
परम ही हड़बड़ै बर्फ पिगल़ै।।1

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कैड़ी राफारोळ मची है

रचना जग री जबर रची है, बेमाता बेखबर पची है
इन्दर री आंख्या चकराई, सुंदर पोपां बणी सची है।
बाकी सगळा जाणबावळा, बाळ-बाळ बेमात बची है।
सामै ऊभो साच न सूझै, झांकै उण दिस कूड़ जची है।
इणरी उणनैं उणरी इणनैं, कैड़ी राफारोळ मची है।

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नाथजी रा सोरठा

जपतां जपतां जाप, आप बण गया औलिया।
पंड रा म्हारा पाप, नष्ट करौ अब नाथजी।१
तन रो कर तंबूर, मन वाणी मनमोवणी।
जोगी छेड जरूर, निज अंतर सूं नाथजी।।२
नीरमळ गंगा नीर, ऊजळ चित इम आपरो।
तिण सूं बैठौ तीर, नरपत न्हावण नाथजी।।३
पडूं तिहारै पाय, चरणां रो चाकर रखौ।
रीझौ हे गुरूराय, नुगरौ हूं घण नाथजी।।४[…]

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बीसहथ रा सोरठा

आगल़ किण आईह, मन चिंता राखूं मुदै।
म्हारी महमाईह, बणजै मदती बीसहथ।।1
कुलल़ो अनै करूर, समै बहै संसार में।
जोगण आव जरूर, बण मदती तूं बीसहथ।।2
करनी तूं करसीह, मोड़ो इणविध मावड़ी।
सुकव्यां किम सरसीह, बिगड़्या कारज बीसहथ।।3

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