केसर भवानी वंदना
।।छंद त्रिभंगी।।
नाकां नथवाळी, कानां बाळी, मां मुकुटाळी कनकाळी।
सिंदूर कपाळी, कंकण वाळी, नेह निहाळी, नयणांळी।
कुम कुम सिर वाळी, लोवडियाळी, ललित लटाळी, रूप उमा।
मरतोली वाळी, लाल धजाळी, तूं ममताळी, चेहर मां।१
माता मतवाली, पीवै प्याली, बासण वाळी बिरदाळी।
डोकर डाढाळी, छिण वपु बाळी, जोबनवाळी, जोराळी।
पातक परजाल़ी, वदी वडाल़ी, नमो निराल़ी, निरमल मां।
मरतोली वाल़ी, लाल धजाल़ी, तूं ममताल़ी, चेहर मां।।२[…]