मानवीय संवेदनाओं के संवाहक कवि ईशरदास बारठ
जब हम भारतीय साहित्य के मनीषी कवियों को पढते हैं तो हम पाते हैं कि हमारे भारतीय वाड्मय में कवियों को जो सम्मान मिला वह अपने आप में अद्भुत व वरेण्य है। हमारे कवि, आदि कवि, कवि भूषण, कवि श्रेष्ठ, कविराज आदि अलंकरणों से आभूषित हैं लेकिन जब हम इसी वाड्मय के अंर्तगत राजस्थानी साहित्य को पढते हैं तो पाते हैं कि हमारे मध्यकालीन कवि ईशरदासजी बारठ को जो आदर हमारे राजस्थानी साहित्य प्रेमियों ने दिया वो स्तुत्य है। […]
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