हां कवि दीठ माथो देवूंलो!!
कवि अर कविता रा प्रेमी इण धरा माथै ऐड़ा-ऐड़ा होया है कै आज ई उणां रै इण प्रेम री बात पढां तो छाती हेम होवै परी।
ऐड़ो ई एक कवि प्रेमी होयो गोकल़दास भाणावत।
मेवाड़ रै मोटै सिरायतां में शुमार गोकल़दास राणै उदयसिंह रै बेटे सगतसिंह रै बेटे भाण रो बेटो हो।
मेवाड़ रै इण वासी रो नानाणो मारवाड़ हो। मोटे राजा उदयसिंह री बेटी राजकंवर रो बेटो हो गोकल़दास।
महाभड़ गोकल़दास भीम सिसोदिये रो खास मर्जीदान हो जद भीम, बागी शाहजादे खुर्रम रै कानी सूं लड़ै हो उण बखत गोकल़दास रै घणा घाव लागा जिणसूं घायल होयो जद गजसिंहजी इणनै जोधपुर ले आया अर पाटा कराय साजो कियो तो साथै ई राहिण रो पटो ई दियो।[…]