खोडियार माताजी री स्तुति- भावनगर रा राजकवि पिंगळसिंह पाताभाई नरेला

दोहा।

तारण कुळ चारण तणो,उगारण तुं आइ।
मारण महिषासुर री,दुनिया पर दरसाइ॥1

छंद दुरमिल

खळ जोर खळावण भै अळसावण,शर्ण उगारण तुं शगति।
हियमें हरखावण,अम्रत लावण,भाव उपावण तुं भगति।
मनरोग मटावण शोक शमावण जोग दिपावण तुं जबरी।
कुळतारण काज सुधारण कारण खोडल चारण देव खरी॥1 […]

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खोडियार माताजी रो सपाखरु गीत – पुष्पेन्द्र जुगतावत

खोडियार माताजी रो सपाखरु गीत
(रचयिता: पुष्पेन्द्र जुगतावत, गाँव पारलाउ)

हंसावाहणी नमावौ शीश मां तणी आशिश हेर,
बेर अणी कुळांदेवी नमूं बार बार।
चारणां उबार मार पापियां तणा समूह
खळ दळ खपावणी खंग खोडियार॥1॥ […]

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गोगा गुणमाळा

।।छंद रेंणकी।।
आयो दळ उरड़ गजन रो इळ पर, मुरड़ दूठ हिंदवाण मही।
जबरा जोधार राखिया झुरड़ै, सबळ कितां नै दुरड़ सही।
कितरां नै मुरड़ खायग्यो किलमो, चुरड़ पीयग्यो रगत चठै
भारत रो रिछक गोग भड़ भिड़ियो, जंग छिड़ियो जिणवार जठै।।1[…]

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काल़िया के सोरठे-शंभू दान बारठ कजोई

पाल़ै सदा हि प्रीत,अबखी वेल़ा आयने।
मानो साचो मीत,कल़जुग मांही काल़िया।।१।।
गफलत मांय गंवार,लङे अपणोंं सु लोक में।
सम्पती मे ही सार,कल़जुग मांही काल़िया।।२।।
लगनी नित लगाय,हरि ने सिमरे हेत सूं।
निरफल जासी नांय,करणी वांरी काल़िया।।३।। […]

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साहित्य सेवी अर देवी उपासक श्री मोरारदानजी सुरताणिया रै सम्मान में दूहा

आदरणीय साहित्य सेवी अर देवी उपासक श्री मोरारदानजी सुरताणिया रै सम्मान में कीं दूहा म्हारै कानी सूं भेंट

सत साहित री साधना, सकव करै सतकार।
स्नेह भाव सुरताणियो, मनसुध रखै मुरार।।१

करै साहित री केवटा, सरस ग्रहै मनसार।
सजन साच सुरताणियो, मनसुध रखै मुरार।।२

सैण सँवारै वैण सह, उर में प्रीत अपार।
सौ कोसां सुरणाणियो, नैड़ो लगै मुरार।।३ […]

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गीत सोहणो, शक्तिदानजी कविया (बिराई) रो

गीत सोहणो, शक्तिदानजी कविया (बिराई) रो गिरधरदान रतनू ‘दासोड़ी’ कृत

गोविंद सुतन बिराई गुणियण, सगत कवि कवियांण सिरै।
मोटा पात वरण सह मांनै, कीरत सारी धरण करै।।
कथिया विमळ कायब इम कवियै, कायम है सो बात कही।
जाझा मांण महि सह जांणै, सारद बगसी बांण सही।।
आगर गुण आखां अनुरागी, गाहक भागी साच गुणां।
पागी कवत्त डींगळा पूरो, सुरसत सागी सुवन सुणां।। […]

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काळिया के सोरठे

सोरठा
पैला वाल़ी प्रीत ,सबदां में सिमटी परी।
रजवट वाल़ी रीत ,कहण सुणण री काल़िया।।१

सजन बैठ सतसंग,निरमल़ मन कीधो नहीं।
गहर नाय नित गंग ,कारी लगै न काल़िया।।२

आदर रू अपमान,लिखदी विधना लीकड़ी
मनसुध साची मान,कुण लोपेला काल़िया।।३ […]

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ख्यात आईनाथ री अनोपो वखाणे-अनोप जी वीठू

श्री सुरसती गणपति वृहसपति शारदा,उकति सम्मपो अन्नदाता।
सापतातम्म री वारता सुणावां,मोतीवाळी हुई जगत माता॥1

हेमाळा पहाड सुं निसरे हालतो,गळियोडा बरफ रो नीर गोटो।
हिंद अर सिन्ध रै बीच मंह होयनै,मोतियां भरोडो पेट मोटो॥2

तिब्बत कम्बोज सुं उतरे ताकडो,हाकडो नांम दरियाव हाले।
घिरोळा देवतो बण्यो घण घमंडी,रतन रतनाकरो मांय राळै॥3 […]

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गीत देश दसा रो

गीत प्रहास साणोर

देख देश री दसा नैं बिगाड़ी दुरजणां,फसादां करी नै मोज पावै।
रसा पर माजनो गमावै रसा रो,उणी नै देख नैं गसा आवै।।१

ऊजल़ा वेस रू बोल हद ऊजल़ा,गजब री कल़ा जन जोड़ गाटै।
मोकै रा मारणा कौल कर मारका,खल़ा हद वोट रा बोल खाटै।।२ […]

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