चारण को जानें – प्रश्नोत्तरी – 2025

चारण को जानें – ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी – 2025 वर्तमान मेरिट – शीर्ष 15 प्रतिभागी नोट: यदि किन्हीं दो प्रतिभागियों के समान अंक हैं तो सबसे नए जुड़े प्रतिभागी को वरीयता क्रम मे ऊपर रखा गया है। प्रश्नोत्तरी में भाग लेने के लिए निम्न लिंक को क्लिक करें। <<<चारण को जानें – प्रश्नोत्तरी -2025 (यहाँ क्लिक करें)>>>   नियम चारण परंपरा, चारण साहित्य एवं चारण इतिहास विषयक प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमे कोई भी भाग ले सकता है। पात्रता के लिए किसी प्रकार की कोई शर्त नहीं है। कुल 100 वस्तुनिष्ट प्रश्न होंगे जिसके लिए ओसतन 90 मिनट (डेढ़ घंटे) का समय […]

» Read more

बरसाळो – दो दिवसीय कलरव कवि-सम्मेलन

काव्य कलरव अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप समूह दिनांक समय लिंक पैलो दिन 26 जुलाई, 2025 शनिवार सिंझ्या 08.00 बज्यां फेसबुक रो लिंक (पैलो दिन): https://www.facebook.com/charans.org/videos/1671881790143202 यूट्यूब रो लिंक (पैलो दिन): https://youtube.com/live/OtN5bxpjw-Q दूजो दिन 27 जुलाई, 2025 रविवार सिंझ्या 08.00 बज्यां फेसबुक रो लिंक (दूजो दिन): https://www.facebook.com/charans.org/videos/1027327892587361 यूट्यूब रो लिंक (दूजो दिन): https://youtube.com/live/6mOfp5HiLmQ   सरस काव्य रसास्वादन सारू आप सबनैं घणैमान नूंतो है।

» Read more

स्वामी स्वरूपदास रचित राजस्थानी महाभारत और उनका काव्य सौंदर्य–तेजस मुंगेरिया

राजस्थानी भाषा की विशालता व समृद्धि की जब बात करें तो स्वामी स्वरूपदास चारण (बड़ली अजमेर, १८०१) का स्मरण प्रथमत: करना ज़रूरी हो जाता है। स्वरूपदास ऐसे चरित्र थे जिन्होंने भारतीय मनीषा के ऋषि शब्द को पूर्ण चरितार्थ किया है। अन्य कई कवियों की भांत वे केवल काव्य में ही ईश-उपासना नहीं करते रहे बल्कि आजीवन साधुता धारण की तथा ईश्वरोपासना में लीन रहे।[…]

» Read more

गीत सोशल मीडिया रौ – पुष्पेंद्र जुगतावत वणसूर

गीत – बडो साणोर

अजब फेसबुक वाटसफ टवीटर ओपिया,
ग्राम इंस्टा गजब रचे गोटा।
सोसयल मीडिया तणा रांगड़ सजे,
मचाया मुलक में ख्याल म्होटा।।१[..]

» Read more

24 अक्टूबर 1995 का सूर्यग्रहण – पुष्पेंद्र जुगतावत वणसूर

।।गीत – प्रहास साणोर।।
विगत रयो रूढीपणा तणे वड ग्रासगत,
मिळी हिंदवांण नै आज मुगती।
वरण विग्यान रौ चहुंदिश वापर्यौ,
संचरी रिवगरण रूप सगती।।1[…]

» Read more

गाय दूय’र गिंडकां ने न्हाकी – सेणीदान देपावत

एक गाँव, गाँव में दसवीं तक रो इसकूल, इसकूल में तीन सौ टाबर पढणने आवै। हेडमास्टर समेत इग्यारे मास्टर जका टाबरां ने हेत अर लगन साथे पढाई करावे।

इसकूल रे साथेई गांव में पटवार-घर अर पंचायत-भवन भी हुया करै है। पटवारी अर गाँव सचिव आपूआप रा काम करै अर इसकूल रा मासटर आपरो।

गाँव रा लोग पटवारी अर गाँव सचिव रो तो आदर माण करे क्यां के आ हूं हरेक रो काम पड़े, काम भलाईं पईसा देर कराओ।

» Read more

रघुवरजसप्रकास – किसनाजी आढ़ा

चारण किसनाजी आढ़ा विरचित
रघुवरजसप्रकास
संपादक : डॉ.सीताराम लालस
राजस्थान प्राच्य विद्या प्रतिष्ठान, जोधपुर
वि.सं. २०१७ (ई.सं. १९६०)
» Read more
1 2 3 55