गीत रायसिंह जी सान्दु रो – अनिरुद्ध सान्दू

।।गीत।।

अवनी आवे मनख अनेको, जलमे अर जावे जिम कीट।
भगत जलम ईल मोद भरत है, मेटण् आवे अघ नी मीट।।

सगति सुत सान्दु सहरावे, आयो रायसिंग इथ आज।
गीत तिहारा चहु दिस गाजे, कीधो जग थे चावो काज।।

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चारण को जानें – प्रश्नोत्तरी – 2026

चारण को जानें – ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी – 2025 वर्तमान मेरिट – शीर्ष 15 प्रतिभागी नोट: यदि किन्हीं दो प्रतिभागियों के समान अंक हैं तो सबसे नए जुड़े प्रतिभागी को वरीयता क्रम मे ऊपर रखा गया है। प्रश्नोत्तरी में भाग लेने के लिए निम्न लिंक को क्लिक करें। <<<चारण को जानें – प्रश्नोत्तरी -2026 (यहाँ क्लिक करें)>>>   नियम चारण परंपरा, चारण साहित्य एवं चारण इतिहास विषयक प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमे कोई भी भाग ले सकता है। पात्रता के लिए किसी प्रकार की कोई शर्त नहीं है। कुल 100 वस्तुनिष्ट प्रश्न होंगे जिसके लिए ओसतन 90 मिनट (डेढ़ घंटे) का समय […]

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फूंफी रासो – ठाकुर मुरारदान जी मण्डपी

दोहा पति जयपुर जोधाण पत, भेळा होय दो भूप। सांभर की किन्हीं सला, रच्यो राड़ को रूप।।1।। कूरम भाखी कमधजां, असी करां उपाय। उभयराज राखां अठै, आख्या चौड़े आय।।2।। आप पति आमेर है, कही कमध कर जोड़। मो आफत बीती हमे, रूस रह्या राठौड़।।3।। तिण जागां इक तुरकड़ी, आई करण उपाय। बहकाई दळ देखकर, जकी सुणाई जाय।।4।। जयपुर दळ आयो जबर, हारो मत अब धीर। ताण दिया तम्बु बड़ा, नळियासर की तीर।।5।। शेख समद काजी मुगल, सुण सारा समचार। मदद बुलायो मीर खां, धीरज मन में धार।।6।। आठ दिवस आयो नहीं, मुगलन को बो मोड़। सा सांभर खाली करो, कच्छावन […]

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माँ गंगा की स्तुति – महाकवि सूर्यमल्ल मिश्रण

॥भुजङ्गप्रयातम् गीर्वाणभाषा॥

नमस्ते नमस्ते नमो देवि गङ्गे,
नमो जह्नुजे पूतपाथस्तरङ्गे।
नमस्ते कपर्दासने भर्गजाये,
नमस्ते ज्वलत्सम्बरे मूलमाये॥१॥

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चारण को जानें – प्रश्नोत्तरी – 2025

चारण को जानें – ऑनलाइन प्रश्नोत्तरी – 2025 वर्तमान मेरिट – शीर्ष 15 प्रतिभागी नोट: यदि किन्हीं दो प्रतिभागियों के समान अंक हैं तो सबसे नए जुड़े प्रतिभागी को वरीयता क्रम मे ऊपर रखा गया है। प्रश्नोत्तरी में भाग लेने के लिए निम्न लिंक को क्लिक करें। <<<चारण को जानें – प्रश्नोत्तरी -2025 (यहाँ क्लिक करें)>>>   नियम चारण परंपरा, चारण साहित्य एवं चारण इतिहास विषयक प्रश्न पूछे जाएंगे। इसमे कोई भी भाग ले सकता है। पात्रता के लिए किसी प्रकार की कोई शर्त नहीं है। कुल 100 वस्तुनिष्ट प्रश्न होंगे जिसके लिए ओसतन 90 मिनट (डेढ़ घंटे) का समय […]

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शक्ति वंदना – काव्य कलरव कवि-सम्मेलन

काव्य कलरव अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप समूह दिनांक: 17 अक्टूबर 2026  समय: सायंकाल 8:00 बजे से 10:30 बजे तक  स्ट्रीम लिंक फेसबुक लाइव https://www.facebook.com/share/1Bn1Bg5nRA/ यूट्यूब लाइव https://www.youtube.com/watch?v=330Wn-QJIMk   सरस काव्य रसास्वादन सारू आप सबनैं घणैमान नूंतो है।

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स्वामी स्वरूपदास रचित राजस्थानी महाभारत और उनका काव्य सौंदर्य–तेजस मुंगेरिया

राजस्थानी भाषा की विशालता व समृद्धि की जब बात करें तो स्वामी स्वरूपदास चारण (बड़ली अजमेर, १८०१) का स्मरण प्रथमत: करना ज़रूरी हो जाता है। स्वरूपदास ऐसे चरित्र थे जिन्होंने भारतीय मनीषा के ऋषि शब्द को पूर्ण चरितार्थ किया है। अन्य कई कवियों की भांत वे केवल काव्य में ही ईश-उपासना नहीं करते रहे बल्कि आजीवन साधुता धारण की तथा ईश्वरोपासना में लीन रहे।[…]

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गीत सोशल मीडिया रौ – पुष्पेंद्र जुगतावत वणसूर

गीत – बडो साणोर

अजब फेसबुक वाटसफ टवीटर ओपिया,
ग्राम इंस्टा गजब रचे गोटा।
सोसयल मीडिया तणा रांगड़ सजे,
मचाया मुलक में ख्याल म्होटा।।१[..]

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24 अक्टूबर 1995 का सूर्यग्रहण – पुष्पेंद्र जुगतावत वणसूर

।।गीत – प्रहास साणोर।।
विगत रयो रूढीपणा तणे वड ग्रासगत,
मिळी हिंदवांण नै आज मुगती।
वरण विग्यान रौ चहुंदिश वापर्यौ,
संचरी रिवगरण रूप सगती।।1[…]

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गाय दूय’र गिंडकां ने न्हाकी – सेणीदान देपावत

एक गाँव, गाँव में दसवीं तक रो इसकूल, इसकूल में तीन सौ टाबर पढणने आवै। हेडमास्टर समेत इग्यारे मास्टर जका टाबरां ने हेत अर लगन साथे पढाई करावे।

इसकूल रे साथेई गांव में पटवार-घर अर पंचायत-भवन भी हुया करै है। पटवारी अर गाँव सचिव आपूआप रा काम करै अर इसकूल रा मासटर आपरो।

गाँव रा लोग पटवारी अर गाँव सचिव रो तो आदर माण करे क्यां के आ हूं हरेक रो काम पड़े, काम भलाईं पईसा देर कराओ।

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