न्यारै-न्यारै

न्यारै-न्यारै मिनख मनां में,
देखो न्यारी-न्यारी आग।
कठै राग अनुराग विहूणी,
कठै विराग मांयनै राग।।

बागवान ही बण्या विधूंसक,
सुरड़ै-सुरड़ विधूंसै बाग।
टणका झुरै टोपल्यां खातर।
पतहीणां सिर पचरंग पाग।। […]

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अम्बा-अष्टक

लाख असी चव जोणिय मांझल जाणिय मानव श्रेष्ठ जमारो।
धीर विवेक तुला पर तोल अमोल सतोल सुबोल उचारो।
तारण या भवसागर सों गजराज न दीखत और सहारो।
बार हि बार उचार अलौकिक अम्ब सुनाम उबारण वारो।।1।।[…]

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मंत्री नै कुण मूंडियो

संसद रै इक सदन री,बात कहूं बतळाय।
मंत्री मूंड मुंडायनैं,आसण बैठो आय।।
सगळा पूछै सैन में, बोले नांय विशेष।
बीती कद आ बारता, कटिया कीकर केस।।
संवेदनवश सागलां, स्वर में धीर समाय।
पूछ्यो पूसारामजी, दूणों दुख्ख दिखाय।। […]

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करै कुण कोड बेटी रा

करै कुण कोड बेटी रा, खड़्या खम ठौर मारण नैं।।
जगत में आण सूं पै‘ली, जकी रा लाख दुश्मण है।।

हुई जद आस आवण री, नयो मेहमान निज घर में।
बधायां बांटती दादी, फिरी हर एक घर-घर में।।
मिली जद जाँच में बेटी, लगी क्यों लाय लागण नै।
करै कुण कोड बेटी रा, खड़या खम ठौर मारण नै।।1।।[…]

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मत कर

दास मत बण दौर रो,तूं-
और री कीं आस मतकर।
गौर कर इतिहास गहला,
ठौर री ठकरास मत कर।।

मायतां रै माण मांही,
हाण देखै सौ हरामी।
काण कुळ री हाथ वांरै,
देण री दरखास मत कर।। […]

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