Category: Miscellaneous
द्वितीय वर्षगांठ – www.charans.org
वि.स. २०७४ आश्विन शुक्ल प्रतिपदा (२१ सितम्बर २०१७)
नवरात्री स्थापना की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। आज का दिन एक और कारण से विशिष्ठ है क्योंकि दो वर्ष पूर्व आज ही के दिन माँ भगवती की प्रेरणा से www.charans.org साईट का शुभारम्भ किया गया था। आज इसकी दूसरी वर्षगांठ है।
एक छोटा सा पौधा जो दो वर्ष पूर्व शारदीय नवरात्री स्थापना के दिन लगाया गया था, आज आप सभी के सहयोग एवं उत्साहवर्धन से निरंतर प्रगति कर रहा है। कुछ तथ्य प्रस्तूत हैं:[…]
Learning
🌺डोकरी – गज़ल🌺 नरपत आसिया “वैतालिक” बैठी घर रे बार डोकरी! किणनें रही निहार डोकरी! हेत हथाई अपणायत री, टाबर रे रसधार डोकरी! गिरधरदान रतनू “दासोड़ी” थाकी बैठी आज डोकरी। राखी घर री लाज डोकरी।। वडकां बांधी, भुजबल पोखी। काण कायदै पाज डोकरी।। डॉ गजादान चारण “शक्तिसुत” हाथां पकड़्यो भाल डोकरी मोडा खाग्या माल डोकरी हेत जताकर जमीं हड़प ली, फंसी कुजरबी चाल डोकरी।
» Read moreपुस्तक विमोचन, उत्कृष्ट सेवा एव साहित्य सम्मान समारोह
श्री केसरीसिह बारहठ चारण सेवा संस्थान के तत्वावधान में 31 अगस्त 2017 को मिनी ऑडिटोरियम सूचना केन्द्र जोधपुर में कवि गिरधर दान रतनू “दासोड़ी” लिखित पुस्तक “ढऴगी रातां ! बहगी बातां !” तथा जनकवि श्री वृजलाल जी कविया द्वारा रचित पुस्तक “विजय विनोद” के विमोचन का भव्य आयोजन हुआ। मंच पर अध्यक्ष के रूप में तकनीकी वि.वि. कोटा के डीन डॉ हाकमदानजी चारण, मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय के न्यायाधिपति पुष्पेन्द्र सिंहजी भाटी, विशिष्ट अतिथि राजर्षि ठाकर नाहरसिंह जी जसोल, डिंगल़ के शिखर पुरुष श्रद्धेय डॉ शक्तिदानजी कविया, इतिहासज्ञ प्रो जहूर खां मेहर, डिंगल के दिग्गज कवि डूंगरदानजी आशिया, समालोचक व राजस्थानी के लोकप्रिय श्रेष्ठ कवि डॉ आईदानसिंह जी भाटी, लोकसाहित्य के मर्मज्ञ विद्वान डॉ सोहनदानजी चारण, राजस्थानी भाषा आंदोलन के पुरोधा लक्ष्मण दानजी कविया एवं डूंगर मा.वि.बीकानेर की राजस्थानी विभागाध्यक्ष डॉ प्रकाश अमरावत आसीन थे।[…]
» Read moreयू ट्यूब चेनल
charans.org के यू ट्यूब चेनल के सभी विडियो यहाँ संकलित हैं। यदि किसी को अपना विडियो/ऑडियो यहाँ पोस्ट करवाना है तो कृपया अपनी ऑडियो या विडियो फाइल को admin@charans.org पर ईमेल द्वारा भेजें। charans.org टीम की एक्सपर्ट कमेटी द्वारा चयन करने पर उसे यहाँ प्रदर्शित किया जाएगा। आप इस यू ट्यूब चेनल को subscribe भी अवश्य करें ताकि कोई भी नया विडियो जुड़ने पर आपको सीधे सूचना मिल सके। इस चैनल को सीधा यूट्यूब वेबसाइट पर देखना हो तो यहाँ क्लिक करें
» Read moreकविराज श्री खूमदानजी बारहठ
भारतवर्ष की चारण काव्य महापुरुष परम्परा में कविराज श्री खूमदानजी बारहठ का नाम विशेष सम्मान और गौरव का प्रतीक है। कविराज श्री खूमदानजी बारहठ का जन्म पाकिस्तान के चारणवास ग्राम भीमवेरी, तहसील-नगरपारकर, जिला-थरपारकर, सिंध प्रदेश में दिनांक 08 फरवरी 1911, विक्रम संवत 1968 माघ शुक्ल द्वादशी, शुक्रवार को श्री लांगीदानजी बारहठ ( पुनसी बारहठ, मूल निवासी भादरेस, बाड़मेर) के घर हुआ था।
कविराज जन्म से ही प्रतिभा संपन्न बालक थे। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा-दीक्षा तत्कालीन विख्यात संत श्री संतोषनाथजी के श्रीचरणों में सम्पूर्ण हुई थी। गुरु श्रीचरणों में आपको गुजराती, हिंदी एवं सिंधी भाषाओँ का ज्ञान प्राप्त हुआ। आपने अल्पायु में रामायण, गीता, महाभारत, चारों वेद, रघुनाथ रूपक, सत्यार्थ प्रकाश, रूपद्वीप पिंगल आदि प्रमुख धर्म ग्रंथो का विधिवत अध्ययन कर लिया था। गुरु अनुकम्पा एवं शाश्त्रों के गहन अध्ययन से आपके विचारों में परिपक्वता बढ़ी और आप काव्य रचना की और अग्रसर हुए।[…]
» Read moreप्रथम वर्षगांठ – www.charans.org

नवरात्री स्थापना की आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं। आज का दिन एक और कारण से विशिष्ठ है क्योंकि गत वर्ष आज ही के दिन माँ भगवती की प्रेरणा से www.charans.org साईट का शुभारम्भ किया गया था। आज इसकी पहली वर्षगांठ है।
एक छोटा सा पौधा जो पिछले शारदीय नवरात्री स्थापना के दिन लगाया गया था, आज आप सभी के सहयोग एवं उत्साहवर्धन से निरंतर प्रगती कर रहा है। कुछ तथ्य प्रस्तुत हैं:
- पिछले एक वर्ष में विश्व भर से इस साईट के अलग अलग पेज को ७३७८५ बार देखा गया|
- […]
स्वामी ब्रह्मानंद जी (लाडूदान जी आसिया)
सिरोही का राज दरबार खचाखच भरा हुआ था। महाराजा के कहने पर, युवा कवि लाडूदान आसिया ने अपनी स्वरचित कविताएं सुनाना शुरू कर दिया। बच्चे के शक्तिशाली और धाराप्रवाह काव्य वाचन ने दर्शकों को मन्त्र मुग्ध कर दिया, काव्यपठन समापन होते ही करतल ध्वनि और वाहवाही से पूरा राज दरबार गूँज उठा। भीड़ अभी भी विस्मय से युवा कवि के बारे में चर्चा कर रही थी, सिरोही के महाराजा के मन में विचार आया “कितना अच्छा हो यदि हमारे राज्य के इस अमूल्य रत्न की प्रतिभा की महक हर जगह फैले। ” इस सदाशय से सिरोही के महाराजा ने भुज […]
» Read moreचारणों के विभिन्न ऑनलाइन ग्रुप (Websites, Facebook, WhatsApp, Twitter इत्यादि)
सभी एडमिन बंधुओं से निवेदन है कि चारणों से सम्बंधित अपने फेसबुक/व्हाट्सएप ग्रुप/पेज या वेबसाइट को इस लिस्ट में जुडवाने के लिए अपनी डिटेल्स admin@charans.org पर ईमेल करें| WhatsApp Groups **मोबाइल नंबर जानने के लिए admin@charans.org पर मेल द्वारा संपर्क करें। यदि आप अपना मोबाइल नम्बर यहाँ परमानेंट दिखाना चाहते हें तो ग्रुप एडमिन उक्त मेल पर अपनी सहमती दें। Facebook Groups/Pages Note: Only those groups / pages are eligible which are publicly visible and have at least 500 members or likes. www.charans.org (Group) / www.charans.org (Page) Old Boys Association Charan Hostel Udaipur अखिल भारतीय चारण दर्पण Charan Group (Admin Shri […]
» Read moreसोनल स्तुति – अजय दान लखाजी रोहडिया
।।मत्तगयंद सवैया।।
आज परे हम पे दुःख दारुण , लाज तजी निज काज सँवारे।
देव कहाय, भये पर दानव, मानव के सद् गुण बिसारे।
काह कहें न कह्यो कछु जायजु, है सबही विधि हिम्मत हारे।
सोनल मात सहाय करो हम पापी तथापि है पुत्र तिहारे।।1
फैल फितूर मे फूल रहै अरु, भूल अतूल भरे हम भारे।
खेलत खेल खुले खल सों मिल, ऐसे है हाल हवाल हमारे।
काल कराल के गाल में कालहि, जावनों पें न जराहि बिचारे।
सोनल मात सहाय करो हम पापी तथापि है पुत्र तिहारे।।2[…]