गीत महाशक्ति देवलजी रो
महाशक्ति देवल जिन्होंने अपने पिता की जागीर का चौथा हिस्सा अपने पिता के सेवक जो कि बेघड़ जाति का मेघवाल था को देकर बनाया था जमींदार। आजादी के बाद, उस मेघवाल की संतति को मिला था जागीर का मुआवजा। आज भी पशिचमी राजस्थान के बेघड़, कागिया, पन्नू आदि उपशाखाओं की इनमें हैं अगाध आस्था—–
।।चित इलोऴ।।
इऴ माड़वै हिंगल़ाज आई,
करण कवियां कार।
सदन भलियै घरै सगती,
आप ले अवतार।
तो दातारजी दातार, देवी देवला दातार।।१[…]