सो सुधारण ! सो सुधारण!!
रातिघाटी के युद्ध में परास्त होकर बाबर का पुत्र कामरान राव जैतसी से भयातुर होकर भागा जा रहा था। किंवदंती है कि जब वो छोटड़िया गांव से निकल रहा था कि उसके मुकुट में लगी किरण(किलंगी) गिर गई। वो बीकानेरियों के शौर्य से इतना भीरू हो गया था कि उसने उस किरण को रुककर उठाना मुनासिब नहीं समझाऔर वो बिना उसकी परवाह किए अपनी राह चलता बना। यह गांव बीकानेर के संस्थापक राव वीका ने जीवराज सूंघा को इनायत किया था। कहतें हैं कि यहां छोटा मोयल रहा करता था। जब यह गांव सूंघों को मिला तो उसने इच्छा व्यक्त […]
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