पंथी एक संदेसड़ो तेजल नैं कहियाह

किणी कवि सही ई कैयो है कै जे प्रीत उत्तम सूं लाग ज्यावै तो कदै ई बोदी नीं पड़ैज्यूं पत्थरी सौ वरसां तक जल़ में रैवण पछै ई अग्नि रो साथ नीं छोडै – प्रीत पुराणी नह पड़ै जे उत्तम सूं लग्ग। सौ वरसां जल़ में रहे पत्थरी तजै न अग्ग।। ऐड़ो ई एक गीरबैजोग किस्सो है भाटी तेजमाल अर रतनू हरपाल रो। जैसलमेर री धरा माथै रामसिंह भाटी सपूत अर सूरमो मिनख। इणां एक ब्याव अमरकोट रै सोढै जोधसिंह री बेटी करमेती सूं कियो। करमेती आपरी कूख सूं पांच सूरमां नै जन्म दियो – करमेती कुंती जिसा जाया पंडव […]

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करणी माता स्तवन

🌺गीत सोहणौ🌺
सुखदायक नाम मात तौ सगती, दुखदायक पातक दुनिया।
वीसहथी वरदायक वाहर, कुळ जाई मेहा किनिया॥1
संकै मन मत मात सहायक, रंकौ री रिछपाळ रहै।
जस डंकौ उणरौ दुणि बाजै , लोवड री जो ओट लहै॥2

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साध होयग्या तोई चारणपणो नीं गयो

जद- जद ई खत्रवट में खोट दीसी उण बगत चारणां खोट काढण खातर सबदां री चोट करण सूं नीं चूका। किणी कवि सही ई कैयो है – खत्रवट देखै खोट देखै दुख पावै दुसह। चारण चुभती चोट हिरदै सबदा री हणै।। ऐड़ो ई एक किस्सो है जोधपुर महाराजा विजयसिंह री बगत रो। महाराजा मारवाड़ रै च्यार मोटै सिरदारां नैं आपरो गुरु रै मोकाण रै मिस बुलाय मरा दिया। इण च्यारां में एक पोकरण ठाकुर देवीसिंह ई भेल़ा हा – केहर दोलो छत्रसल दोल़ो राजकंवार। मरतै मोडै मारिया चोटी वाल़ा च्यार।। देवीसिंह चांपावत नामी वीर पुरुष अर स्वामी भक्त राजपूत हा। […]

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लाखो फूलाणी तूं लछा

“ठगीजै सो ठाकर” री बात कुड़ी नीं है। हथाई रो कोड होवै उण नैं दमड़ा खरचणा पड़ै। ओ काम कोई मोटै मन रो मानवी ई कर सकै। इण में कौई जात रो कारण नीं है। ऐड़ै ई एक मोटै मन रै मिनख रो किस्सो। पोकरण रै पाखती गांव लालपुरो। रतनू जात रो जागीरी गांव। इण गांव रै रतनू भोजराज री उदारता विषयक ओ दूहो घणो चावो- लायक रतनू लालपुर गिरवर सुत बड गात। कवि भोजै री कोटड़ी रहै सभा दिन रात।। इणी गांव में लछीराम नाम रो सुथार रो घर। लछीराम री खातोड़ में आठूं पोर काम अर हथाई। लछीराम […]

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शंभु स्तवन

।।छंद – भुजंगी।।
नमो वास कैल़ास ऐवास बाबो।
गुढै गात पे धारबा नाय गाभो।
जुड़ै ऐहड़ी बोहल़ी वा जमातं।
नमो शंभु नाथं नमो शंभुनाथं।।१[…]

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खून रै रिस्तै सूं बतो संबंधां रो विश्वास

जद खून रो रिस्तो अन्याय माथै उतर आवै। नीति मग छोड देवै। उण बगत हार्यै नैं हरि नाम ई याद आवै या ऐड़ै रिस्तां री चितार करै जठै रिस्तो तो होवै पण पीढ्यां नीं पड़ै। ऐड़ो ई एक किस्सो आप री निजर कर रैयो हूं। बधाऊड़ो रतनूवां रो गांव। उठै रतनू मयाराम रैवै। उणां रै एक डीकरो होयो जिण रो नाम शंकरदान। जद उणां री जोड़ायत चालता रैया। दिन बीतां उणां पाछो ब्याव कियो। मोई मा केई दिनां तो दिखावो करती शंकरदान रो मन राखियो पण पछै आपरो असली रूप दिखाय शंकर नैं यातनावां देवणी शुरु कर दीनी। कीं वरस […]

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महादेव महिमा

।।गीत – प्रहास साणोर।।
जय जारियो गरल़ नै जगत हित जटेसर।
नटेसर सरल़ धर रूप नामी।।
खल़ां कर रूठियां त्रिशूल़ां खयंकर।
भोल़िया भयंकर नाथ भामी।।१।।

खल़कती गंग नै जटा मे खपाई।
भंग मे हुवो मद मस्त भारी।।
क्रोध मुर लोयणां सहै कुण कोपियां।
थहै कुण रीझियां पार थारी।।२।।[…]

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फागण रा दूहा

तन तो पिव मैं रंग लूं,मन रंगूं किण भाँत|
इण फागण आया नहीं,धणी करी घण घात||१
फागण फूल उछाळतौ,अलबेलौ अणपार|
आयौ मन रे आंगणै,करै प्रेम मनुहार||२
फागण इतरो फाट मत,फूल न मौ पर फैक|
विरहण धण री वेदना,समझ करे सुविवेक||३ […]

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होळी रा रंग

होळी में झोळी भरै, रंगों री अणपार|
सह टोळी फागण सखी,आयौ आपण द्वार||१
साजण तन भल रंग मत ,पण मन रँग दे जोर|
तन रंग मिटसी झीलतां,मन रँग मेटण दोर||२
मन चुनरी मन भावणी,तन री रेशम कोर|
पिचकारी भर प्रेम री,ढोळो मत चितचोर||३ […]

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