आऊवै धरणै रा महानायक अखोजी बारठ
मारवाड़ रै मध्यकालीन इतिहास में आऊवा रो चारण धरणो चावो है। मारवाड़ रै शासकां अर चारणां रा संबंध प्रगाढ रैया है पण जोगानजोग राजा उदयसिंह री बगत ऐ संबंध किणी गल़तफहमी रा शिकार होय बिगड़ग्या। उदयसिंह चारणां रा गांम जबत कर लिया। विरोध होयो। समझाइस होई पण राजा नीं मानियो। छेवट1643 वि. में चारणां आऊवै री आंटीली धरती माथै धरणो दियो।
आऊवो उण दिन ठाकुर गोपाल़दासजी चांपावत री जागीर रो एक गांम हो। राजा गोपाल़दासजी नैं कैवायो कै धरणो म्हारै खिलाफ है सो आप धरणो उठावो। नीतर हूं गांम खालसै कर दूंला।