मुरधर नगर मथाण
पहर एक परभात रा, अमर रुकूंली आण।
पण पूरै परमेसरी, मुरधर नगर मथाण।।1
आई राखै आजतक, मह वचनां रो माण।
पहर राजै प्रभात री मुरधर नगर मथाण।।2
मोटो कीधो मेहजा, पात परै रख पाण।
इल़ साखी अमरेस री, मुरधर नगर मथाण।।3
चाखड़ियां निज चावसूं, जगतँब राखी जाण।
साजै ज्यांरी सेवना, मुरधर नगर मथाण।।4[…]