बिरवडी वंदना
🌹छंद त्रिभंगी🌹
वरदानी वाहर, जोगण जाहर, पूजित हरि हर, अर ब्रह्मा।
नित प्रत चढ नाहर, बैठी भाखर, सुर नर किन्नर, करे खमा।
सुख करूणा सागर, रीझ अमां पर, भाव ह्रदय भर, निरमल मां
बिरवड बिरदाली़, रखौ रूखाल़ी, वीस भुजाली, वंदन मां।। १ […]