ठाकुर कृष्ण सिंह बारहट
ठाकुर कृष्ण सिंह बारहट का जन्म सन 1849 में शाहपुरा में हुआ था। राजस्थान में अंग्रेजों के विरुद्ध क्रांति की अलख जगाने वाले तथा अपनी तीन पीढ़ियों को क्रांतियज्ञ में आहूत करने वाले स्वनाम धन्य ठाकुर केसरी सिंह बारहट व जोरावर सिंह बारहट इनके सुपुत्र थे। ठाकुर कृष्णसिंह बारहट विरचित पुस्तक “चारण-कुल-प्रकाश” का संपादन इनकी प्रपोत्री श्रीमती राजलक्ष्मी देवी “साधना” जी ने किया है जिसमे अपने सम्पादकीय में उन्होंने अपने प्रपितामह के बारे में निम्न वर्णन किया है जो उन्ही के शब्दों में प्रस्तुत है। “मेरे प्रपितामह श्री कृष्णसिंहजी बारहठ, अर्ध-स्वतंत्र राज्य शाहपुरा के प्रतोली-पात्र (पोळपात), उच्च-कोटि के इतिहासकार, कवि […]
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