कवि स्व. अजयदान जी रोहडिया के जीवन की कुछ रोचक घटनाएं

कवि नरपत दान आसिया की जुबानी अपने नानोशा कवि अजयदान जी रोहडिया के जीवन की कुछ रोचक घटनाएं: काशी नागरी प्रचारिणी सभा की विशारद की परीक्षा में मेरे नानोशा अजयदान जी लखाजी रोहडिया, मलावा भुगोल में फेल हो गए, फिर क्या था उन्होंने भुगोल के सारे सवाल के जवाब कविता में लिखकर तैयार किए और एक कुंजी काव्यमय भुगोल की बना दी। उनको फिर भुगोल में दुसरी बार परीक्षा देने पर सौ में से तेरानवै नंबर आए. कुछ उदाहरण: प्रश्न :भारत में उत्तम बंदरगाह की क्यों कमी है? जवाब:तट प्रदेश का कटा, फटा, रेतीला, सम है। इसी लिए भारत में […]

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मेघवाल़ होयो तो कांई ? म्है इण नैं भाई मानूं

माड़ रो माड़वो गाम जूनो सांसण। नैणसी, हमीर जगमालोत रो दियो लिखै तो उठै रा वासी उणस़ूं ई पुराणो मानै। इणी गांम में सोढैजी संढायच रै दो बेटा – अखोजी अर भलजी। भलजी स़ंढायच रै घरै मा वीरां री कूख सूं लोक पूज्य चारण देवी देवलजी रो जलम होयो – भलिया थारा भाग, देवल सरखी दीकरी। समदां लग सौभाग, परवरियो सारी प्रिथी।। देवलजीरी शादी ऊमरकोट रै गांम खारोड़ा रा देथा बापनजी साथै होई। यूं तो देवलजी रा घणा दिव्य चमत्कार अर लोकोपकारी काम चावा है, पण कमती लोग जाणता होसी कै आपां आज जिण दलित विमर्श अर दलितोत्थान री बातां […]

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🌹शारदा स्तुति🌹- कवि स्व. अजयदान जी रोहडिया कृत

🌸छंद रेणंकी🌸
निरमल नव इन्दु बदन विलसत भल, द्रग खंजन मृग मद दलितम्।
कुम कुम वर भाल बिन्दु कल भ्राजत, तन चंदन चरचित पुनितम्।
झल़कत अरू झल़ल़ झल़ल़ चल लोलक, लसत सु श्रवण ललाम परम्।
शारद कर प्रदत सुक्ति यह सुखकर, किंकर पर नित महर करम्।।१

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सरस्वती वंदना

।।छंद: हरिगीतिका/सारसी।।
शुभ स्वेत वसना, ललित रसना, दडिम-दसना, उज्जवला।
कलहंस करती, फरर फरती, तिमिर हरती, निर्मला।
सिर मुकुट सुंदर, हार गल वर, माल मनहर कर अति।
प्रिय पुस्तपाणि, वाक-वाणी, वीण पाणी, सरसती।।१[…]

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म्हारै ऊभां मेड़ते पग देवै ! ऐड़ो कुण?

राजस्थान रै मध्यकालीन वीर महेसदास कूंपावत री अदभुत वीरता विषयक बात घणी चावी है पण आ बात कमती लोग जाणै कै जद मराठां मारवाड़ माथै हमलो कियो उण बगत महाराजा विजयसिंह सूं मारवाड़ रा केई मोटा सिरदार नाराज हा। दरबार नैं सूचना मिल़ी कै माधोजी सिंधिया आपरै दल़-बल़ सैती आयो है अर मेड़तै में उणरा डेरा है। दरबार डाफाचूक होयग्या। क्यूं कै सिंधियां री झाट झालणिया तो रूठोड़ा है अर दरबार उणांनैं किण मूंडै सूं आ सूचना देवै कै मारवाड़ आफत में है!

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मजदूर दिवस माथै मजदूर भायां नैं समर्पित

मजदूरां घर सदा दीवाल़ी।
मूंडै मुल़क सदा मतवाल़ी।।
लूखा टुक्कड़ कांदो ओलण
टंक कूट नैं कितरी टाल़ी।।
ताजो लावण ताजो पोवण
सोवै आंगण नींद घोराल़ी।।
अपणायत आगार अनोखा
झोखा दे मनवार सचाल़ी।।

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सुरा सप्तक

दारू री दिन रात, विदग्ग की बातां बाचो।
व्हालां दो बतल़ाय, एक गुण इणमें आछो।
सूखै कंठ सदाय, घूंट इक भरियां गैरो।
जाडी पड़ज्या जीब, चरित नै बदल़ै चैरो।
उदर में जल़न आंतड़ सड़ै, पड़ै नही पग पाधरो।
किण काज आज सैणां कहो, इण हाला नैं आदरो।।1[…]

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🌹जय करनी जय शंकरनी🌹- कवि स्व. अजयदान जी रोहडिया

🌸दोहा🌸
जग करनी, हरनी जगत, जग भरनी जगदंब।
किनियांणी करनी नमो, काटनि क्लेश कदम्ब।। १
देत बुआ सिर डूचको, अंगुलिन भइ अनुरूप।
नाम करनी या तें दियौ, लख निज करनि अनूप।। २

🌸छंद रेणंकी🌸
बरनी नहि जाय विशद तव करनी, आदि शक्ति नति अघ हरनी।
हरनी मद मोह, कोह तम तरनी, युग युग अवतरनी धरनी।
धरनी कर त्रिशुल मुण्ड निर्जरनी, धूर्त धृष्ट जग वध करनी।
करनी जन कष्ट नष्ट कलि करनी, जय करनी!जय शंकरनी।। १[…]

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जल संरक्षण बाबत सवैया – कवि वीरेन्द्र लखावत कृत

आप बचाय लहो इतरौ जळ जा सूं बचै सब री जिन्दगाणी।
नेह सूंमेह रौ नीर घरै संचय करणा री सबै समझाणी।
पालर पाणी री एक एक बूंद रौ लेखौ लियां ई बचैला पाणी।
होद बणा हर एक ई आंगण मांगण री मत राख मचाणी ।।[…]

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बांस रहे न बजे नह बाँसुरी – कवि स्व अजयदान जी लखदान जी रोहडिया

दूध की सुधि नहिं बछरानहु, पागुर और न गाय करे है|
पौन समर्थ रहै नँह गौन हू मंद ही मंद वही विचरे है|
चालत सूर्य सुता जल ह्वै थिर भूधर होत द्रवित झरे है|
आलि!कहा कहों जो मुरली मुरलीधर ले अधरान धरे है||१

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