सरस्वती वंदना
पंकज-लोचनि! ज्ञान-विरोचनि! हे तम-मोचनि! मां! वरदानी!
श्वेत-मराल बिराजत; छाजत बेद-सितार-कमंडलु-पानी!
नारद आदि विशारद-वंदित, ध्यावत है कवि-कोविद-ज्ञानी!
काव्य-सुधा सरसावन, पावन! दो मनभावन भाव भवानी!।।१।।
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पंकज-लोचनि! ज्ञान-विरोचनि! हे तम-मोचनि! मां! वरदानी!
श्वेत-मराल बिराजत; छाजत बेद-सितार-कमंडलु-पानी!
नारद आदि विशारद-वंदित, ध्यावत है कवि-कोविद-ज्ञानी!
काव्य-सुधा सरसावन, पावन! दो मनभावन भाव भवानी!।।१।।
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कुन्द-इन्दु सम श्वेत कलेवर, श्वेत वस्त्र तन धार!
मम जिह्वा पर आप विराजो, कविता की दातार!!1
आप को वंदन बारंबार!!…
।।रोमकंद।।
उर दैण उगत्तिय जोड़ जुगत्तिय, दांन सुदत्तिय बांण दहै।
कवि कीरत कथ्थिय साज सुमत्तिय, लम्ब सूं हत्थिय भीर लहै।
कर वीणबजत्तिय काज करत्तिय, पांण धरत्तिय दास परै।
सिमरू सुरसत्तिय साय सगत्तिय, हंस चढत्तिय दोस हरै।।१
शुकळा पट धारण हंस सवारण, वाणिय हारण तूं विपदा।
घट ग्यांन बधारण औगण गारण, बात सुधारण तूं वरदा।
पह संत पुकारण आय उबारण, तुंही उतारण पार तरै।
सिमरू सुरसत्तिय साय सगत्तिय, हंस चढत्तिय दोस हरै।।२[…]
🍀भुजंग प्रयातम् छंद🍀
ओंकार प्रेमं प्रभा नाद बिंदा।
जयो मातुरा चातुरा भेद छंदा।
गिरा ग्यान गोतीत गूढं गनानी।
जयो पार विस्तारता वेद बानी।।१[…]
।।छंद रोमकन्द।।
शशि पूनम री धवली किरणों जिम सेत सजी उजला तु गिरा।
कर में कछपी मुख वेद उचारण की छबि माँ छन दास दिरा।।
जिण सूं जयदायिनि बीस भुजायिनि अंतस रो तम मो हरदे।
वरदे वरदायिनि बीन बजायिनि शारद आखर सुंदर दे।।1।।
घूंघर छम छम छम छम बाजै!
रसन पटांगण रमै चारणी, सबद बीण कर साजै!
उजळआनन, हार अनुपम, स्फटिक धवल सुभधारी!
आई नाचै रसन अखाडै, वसन स्वेत वरदा री!
घम घम घम घम पद रव गूंजै, जाणक घन नभ गाजै!
घूंघर छम छम छम छम बाजै![…]
।।गीत प्रहास साणोर।।
उगत दे भारती ऊजल़ै आखरां अंब,
रचण छंद भगत नैं मात रीझै।
जुगत झट उपावो साहित गुण जाणवा
कवी रो सगत ओ काज कीजै।।1 […]
🌸छंद अडिल्ल🌸
विमल देह वाणी ब्रह्माणी,
सादर आव अठै सुर राणी।
लय छंदों री करवा ल्हाणी,
वसौ कंठ मां वीणा पाणी।।१ […]
🌸छंद रेणंकी🌸
निरमल नव इन्दु बदन विलसत भल, द्रग खंजन मृग मद दलितम्।
कुम कुम वर भाल बिन्दु कल भ्राजत, तन चंदन चरचित पुनितम्।
झल़कत अरू झल़ल़ झल़ल़ चल लोलक, लसत सु श्रवण ललाम परम्।
शारद कर प्रदत सुक्ति यह सुखकर, किंकर पर नित महर करम्।।१