बाजीसा बालुदान जी रतनू बोनाड़ा री बातां
।।३।।
हमे माड़वै सरण लो!!
रुघजी फतेहसिंह रै रो बेटो ऊमजी (ऊमसिंह) भोमै रै तल़ै रै सिंधी भोमै रा ऊंठ खोस लायो। बात इयां बणी कै मंगल़िया अर जंज दोनूं सिंधी। एक मंगल़ियै अर एक जंज री लुगाई अरटियै माथै ऊंन कातती “कोठा कल़प्या” यानि आपरै पेट पड़्यै बेटे-बेटी री सगाई करी। दोनां कवल कियो कै दोनां रै आपस में भलांई जको ई होवो, बेटे-बेटी री सगाई करांला।
जोग ऐड़ो बणियो कै जंज री लुगाई रै बेटो होयो अर मंगल़ियै री लुगाई रै बेटी!![…]