एक अतुकांत कवियत्री को

छंद बंद को छोड कर, मन के अंतरद्वंद।
लिखते हो कितने सरल, सुंदर काव्य निबंध॥1

लिए सहज कर तूलिका, और मिलाकर रंग।
मन माफिक चित्रित सरस, करते भाव प्रसंग॥2

कविता कलकल आपकी, लय की लिए न लीक।
भावों से चित को हरै, सुन्दर, सरस, सटीक॥3 […]

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दुआ

दुआ मुझे तुमने छुआ, हुआ तभी खुशहाल।
वरना नरपत का सखी, बहुत बुरा था हाल॥1

दुआ आप मुझको मिली, खिली तभी मन डाल।
पंछी फिर आने लगै, इस सुखै मरु- ताल॥2

दुआ दुःखी मन की दवा, दुआ हरे सब पीर ।
दुआ काज सब भटकते, खोजत संत फकीर॥3 […]

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जय जय भारत देश

हमको आजादी मिली, और बँट गया देश।
अब नेता बन आ गयै, नन्है बडै नरेश॥1

पहले पाकिस्तान को, बांट गयै अंग्रेज।
अब हमनें बांटा उसै,जाति पांती सहेज॥2

जाति धर्म प्रदेश से, राजै बनते रोज।
नेता कोलंबस हुए, औ सत्ता की खोज॥3 […]

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आवड वंदना – त्रिकूटबंध गीत

।।गीत-त्रिकूट बंध।।
मन रंग थळ री मावडी,
नरपत उदधि भव नावडी,
शिणगार सोळह सजै सुंदर, लाख नव संग लेय।
अगवाण नाचै आवडा,
मन मोद कर धी मामडा,
धर चाप पद शुभ धरणि धसकत।
घुघर घण रव घमम घमकत।
ठमक ठम ठम रमत ठमकत।
फरर फर फर वसन फरकत।
चमक दुति जिम चपल चमकत।
विविध नभ शुभ सुमन वरसत।
नमन सुर नर करत निरखत।
नयण दरसण करत नित प्रत। देवी आणंद देय।।1।।[…]

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खोडल थारां बाळरी

खोडल थारां बाळरी, बाई करजे बाळ। चढ झट आ घडियाळ पर, टाळ विघन ततकाळ॥1 खोडल के खोडी भई, या भूली थुं वाट। ‘बाळक रे बिपदा पडी, मेट आय गभराट॥2 खोडल थुं बेठी कठे, कुकुं कर कर साद। बाळकियारी कर बळण, आई हरो अवसाद॥3 खोडल क्युं बोळी बणी, मारी वेळा मात। माफ करो माजी हमे म्हारा थै अपराध॥4 खोडल थुं हरदम आयनें, आफत हरती अंब। पण नरपत री वेळ क्युं, आई कियो विलम्ब॥5 खोडल थैं कीधी खरी, डरी देख मम दुःख। पडी जदे विसमी विपत, मां न दिखायो मुख॥6 खोडल छोड अबोलडा, कर छोरु संग बात। माता व्हे रुठी रहो, ओ […]

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दुहा सोरठा गीत री

🌺दुहा सोरठा गीत री🌺

कदे शबद रा फूलडां, कदै भाव नाळेर।
धरतौ हुं मारै धकै, जैडी म्हौ मन लेर॥1
आखौ हुं अरपूं कदै, कदै वधेरुं फोड।
हरपळ मां स्वीकारती, करै घणौ मन कोड॥2

पांच सात इगयार कर , भेळा घण नाळेर।
लीलौ तोरण मढ धकै, अरपूं मां ने फेर॥3 […]

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शिव स्तवन

🍀छंद :त्रिभंगी🍀
वसतौ गिरि हिम पर,अर गिरिजावर,तन बाघांबर , है धारी।
गळ राखत विषधर, भाल चंद्रधर,जटा गंगधर , त्रिपुरारी।
मन धरत उमंगधर जिणनै मुनिवर,देव दिगंबर, महादेवम्।
जय जय शिवशंकर, हे प्रलयंकर, सुंदर सुखकर, सत्य शिवम्॥1॥ […]

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करुं शबद रा खाजरू

मदिरा प्हैली धार री, डिंगळ री डणकार।
जाजम जमगी जोर री, आवौ सब सिरदार॥1
हुं मां रो, मां माहरी, किण रे उण सूं काह।
मन मांनै वा पुरस दूं, बिनां किया परवाह॥2
करुं शबद रा खाजरू, भाव तणी दूं धार।
पीवै माता प्रेमसूं, सदा करै स्वीकार॥3 […]

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नवदुरगा स्तवन

🌺छंद रोमकंद/त्रिभंगी🌺
तनया गिरि राजम ,बैल बिराजम, बाळक लाजम, राख सदा।
कर कंज त्रिशूलम , रूप अनूपम, चंदम पूनम, रश्मि प्रदा।
वर वांछित दातम, हे अवदातम , मो घट घातम, टाळ मया।
दुरगा नव वंदण, भै मन भंजण, वैरि विखंडण, जै विजया।1 […]

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चामुंडा स्तवन

भय भंजण गंजण बंड भयंकर, दण्डण दैत समस्त दळं।
वळ रुण्डण मुण्डण माळ धरे वपु, जोत अखंड जळं झळळं।
लिय चौसठ जोगण झुंड नवेलख, कोदंड दंड करं कमळं।
चँड मुंड प्रचंड उदंडण चामंड,अंब कदंब अणंद इळं।1 […]

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