दीपमालिका का दीपक
मानव इस सृष्टि मे ईश्वर की सुंदरतम कृति है और वह अपने विवेक के लिए विश्ववरेण्य है। प्राणिजगत में मानव अन्य प्राणियों से अलग है तो वह अपने विवेकसम्मत व्यवहार के कारण है। विवेक मनुष्य को बुद्धिमान, व्यावहारिक एवं श्रेष्ठ बनाता है। यही कारण है कि मानव ने अन्य प्राणियों की बजाय अपने जीवन को अधिक नियोजित किया है। उसने हर कदम पर अपनी खुशियों का इजहार करने तथा आनंद लेने का प्रावधन भी किया है। हमारे यहां प्रचलित सभी त्योंहार तथा पर्व इसी कड़ी की लड़ियां हैं। होली, दीपावली, दशहरा, ईद इत्यादि सब त्योंहार इसी क्रम में उल्लेखनीय है।[…]
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