गजल – थे भी कोई बात करो जी – जी.डी.बारहठ (रामपुरिया)
थे भी कोई बात करो जी,
भैरू जी नै जात करो जी।
अपणो बेटो पावण सारूं,
दूजो सिर सौगात करो जी।।
जनम दियो सो जर जर होया,
पीळा पत्ता झड़ जासी,
सुध-बुध वांरी मती सांभळो,
मंदिर में खैरात करो जी।।[…]