होली के कुछ दोहै
सरहद पर गोली चली, धरती होली लाल|
होली पल पल खेलता,भारत माँ का लाल||१
रे भोली ब्रजबालिका, होली काहै लाल|
होली में ब्रजलाल नें, तन जो मला गुलाल||२
मैं भोली नादान बन,होली उसके साथ|
उसने मौका ताड की,चोली पर बरसात||३
होली वह उसकी सखी!,इस होली के संग|
भोली सी ब्रजगोपिका, रंगी श्याम के रंग|।४ […]