गज़ल – जींदगी रा गीत री
जींदगी रा गीत री पंक्ति घणी है|
वां सबां में आध इक म्है गणगणी है|
आज भाल़ी बाट तो औ ठा पडी के,
जिंदगाणी थां बिना लंबी घणी है||
बे विपद रा भाखरां ने काट देवै,
हाथ जिण रे धैर्य री हीराकणी है||
पावतां ही परस निरमल डील होवै,
प्रेम अर प्रियतम उभय पारस मणी है|| […]