मां करणी जी रो गीत – कवि खेतसी बारट मथाणिया कृत
।।गीत।।
विमल देह धारीयां सगत जांगल धर विराजै,
थांन देसांण श्री हाथ थाया।
उठै कव भेजियो राज करवा अरज,
जोधपुर पधारो जोगमाया।।१।।
विनती सुणै रथ जुपायो बेलीयां,
सहस फण सेलियां जदन सारा।
तेलीयां वीर सुत वाजता टांमका,
लाख नव फैलीया व्यूह लारा।।२।।[…]