सरपंची सौरी कोनी है
घर में बड़तां ई घरवाळी,
बर-बर आ बात बतावै है।
जो दिन भर सागै हांडै है,
बै रात्यूँ घात रचावै है।
वो बाबै वाळो बालूड़ो,
अबकाळै आँटो चालै है।
सरपँच बणबा नैं साच्याणी,
सोहन रै सड़फां चालै है।[…]
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घर में बड़तां ई घरवाळी,
बर-बर आ बात बतावै है।
जो दिन भर सागै हांडै है,
बै रात्यूँ घात रचावै है।
वो बाबै वाळो बालूड़ो,
अबकाळै आँटो चालै है।
सरपँच बणबा नैं साच्याणी,
सोहन रै सड़फां चालै है।[…]
ये षड्यंत्री दौर न जाने,
कितना और गिराएगा।
छद्म हितों के खातिर मानव,
क्या क्या खेल रचाएगा।
ना करुणा ना शर्म हया कुछ,
मर्यादा का मान नहीं।
संवेदन से शून्य दिलों में,
सब कुछ है इंसान नहीं।।[…]
देख जगत री चाल दोबड़ी
सांसां करै सवाल दोबड़ी
राजनीति रै रण-आँगण में,
ढाल बणी करवाल दोबड़ी
रंग बदळतां देख मिनख नैं,
किरड़ा कहै कमाल! दोबड़ी
सरम मरम री छांटां रोकै,
तोतक रा तिरपाल दोबड़ी[…]
मैं देख देख हो रहा निहाल जिंदगी,
कदम कदम पे कर रही कमाल जिंदगी।
वो गाँव जो कि टीबड़ों के बीच में बसा हुआ,
कि अंग अंग अर्थ के अभाव में फंसा हुआ।
अकाल पे अकाल सालोंसाल भाल-लेख ये,
कि कर्ज-कीच में हरेक शख्स था धंसा हुआ।
बेहाल में भी ना हुई निढ़ाल जिंदगी,
कदम कदम पे कर रही कमाल जिंदगी।[…]
साथ समय के आना होगा
सच को गले लगाना होगा
फिर जो चाहे भले बचाना,
पहले राष्ट्र बचाना होगा।
समय-शंख का स्वर पहचानो!
राष्ट्रधर्म निभाना होगा
तेरी मेरी राग छोड़कर
हिंद-राग को गाना होगा[…]
जोगा मिनखां नैं आ जगती,
पीढ्यां पलकां पर राखै है।
कोई पण बात बिसारै नीं,
हर बात चितारै भाखै है।।
कुण कह्वै जगती गुण भूलै,
कुण कह्वै साच नसावै है।
जोगां री जोगी बातां रा,
जग पग-पग ढोल घुरावै है।।[…]
मानज्यो आ बात पूरी
हेत बिन होळी अधूरी।
फगत तन रा मेळ फोरा,
मेळ मन रा है जरूरी।।
वासना री बस्तियां में
प्रीत-पोळां नीं मिलै,
रूप रूड़ा लोग कूड़ा,
साफ़ दिलडां बीच दूरी।। हेत बिन होळी अधूरी।।[…]
तर चंदन है धर वीर सबै,
मंडिय गल्ल कीरत छंदन में।
द्विजराम प्रताप शिवा घट में,
भुज राम बसै हर नंदन में।
निखरै भड़ आफत कंचन ज्यूं,
उचरै कवि वीरत वंदन में।
छवि भारत की लखि पाक लही,
इक शेर इयै अभिनंदन में।।[…]
मुख नह फूटी मूंछ, दंत दूध रा देखो।
सीस झड़ूलो सजै, पदां झांझरिया पेखो।
वय खेलण री बेख, वीर धारी तन वरदी।
सधर खड़ो तण सीम, सदर उसण नै सरदी।
वतन री लाज वरियो मरण, धरण रखी धर धीरता।
ऐहड़ै नरां पर आज दिन, (आ)बल़िहारी खुद वीरता।।[…]
आज संकट री घडी हे,
देश पर विपदा पडी हे,
कारगिल कसमीर मे,
कन्ट्रोल लाइन लडखडी हे।
जुध रो बाजे नगारो,
सुण रह्यो हे जगत सारो,
दोसती री आड दुसमण,
पाक सेना अड़वड़ी हे।
सबक तु इणने सिखावण, जेज मत बीरा लगाई।
जीत रणबंका सिपाही, जूंझ रण बंका सिपाही।।१।।[…]